रिश्तों में आई खटास और लंबे समय रुकी बातचीत के लिए पाकिस्तान ने भारत पर ठीकरा फोड़ा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का कहना है कि पाकिस्तान की सत्ता में आई नई सरकार से बातचीत की अनिच्छा के पीछे भारत की घरेलू राजनीति और उसकी चुनावी मजबूरियां हैं। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के 73वें सत्र से इतर भारत ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके पाकिस्तानी समकक्ष कुरैशी के बीच प्रस्तावित मुलाकात को ऐन मौके पर रद्द कर दिया था।
इसके पीछे भारत ने कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों की हत्या, बीएसएफ जवान के साथ की गई पाकिस्तानी सेना की बर्बरता और मारे गए कश्मीरी आतंकी बुरहान वानी पर इस्लामाबाद में डाक टिकट जारी किए जाने को वजह बताया था। जबकि, कुरैशी का कहना है कि भारत पाकिस्तान की नई सरकार से इसलिए बातचीत की अनिच्छुक है क्योंकि उसके ऊपर घरेलू राजनीति का दबाव होने के साथ ही साथ उसकी चुनावी मजबूरियां भी हैं।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार सोचती है कि अगर वह पाकिस्तान से बातचीत को तैयार होती है तो इसका असर चुनाव परिणामों पर पड़ेगा। दूसरी ओर, भारत स्पष्ट रूप से कह चुका है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर नियंत्रण नहीं करता है तब तक बातचीत संभव नहीं है।