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भारत सहित दुनिया भर से ओबामा को बधाइयां

Wed, 07 Nov 2012 10:34 PM IST
बीबीसी हिंदी
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बराक ओबामा के दूसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने का भारत सहित पूरी दुनिया ने स्वागत किया है।
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भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी है। वहीं उद्योग समूह फिक्की ने कहा है कि ओबामा का दूसरी बार राष्ट्रपति चुना जाना भारत और अमेरिका के बीच सामरिक और आर्थिक सहयोग के लिए अच्छा है।

स्वागत
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने बराक ओबामा को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने दोस्त की जीत पर बेहद खुश हैं। यूरोपीय संघ के अध्यक्ष हरमन वैन रैम्पॉय ने कहा है कि वे ओबामा के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने से बेहद ख़ुश हैं।
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इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बराक ओबामा को बधाई दी है। उन्होंने कहा, इसराइल और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी पहले से भी ज्यादा मज़बूत है। इसराइल के हितों के लिए मैं राष्ट्रपति ओबामा के साथ काम करता रहूंगा।

भारत में फिक्की के अध्यक्ष आरवी कनोरिया ने कहा कि ओबामा को मिला दूसरा कार्यकाल भारत-अमेरिका की सामरिक और आर्थिक साझेदारी के लिए अच्छा है। ये साझेदारी को बनाने में ओबामा प्रशासन ने खासी मेहनत की है।

कनोरिया का कहना है कि उच्च शिक्षा, रक्षा मामलों, कृषि और परमाणु सहयोग में राष्ट्रपति ओबामा की दूरदर्शिता को फिक्की सलाम करती है।

चीन और ईरान का सवाल
चीन और ईरान ये दो देश हैं जिनसे अमेरिका के रिश्ते सहज नहीं रहे हैं। क्लिक करें बराक ओबामा की दूसरी जीत पर ये सवाल अहम है कि इन दोनों देशों की क्या प्रतिक्रिया होगी।

बीजिंग में बीबीसी संवाददाता मार्टिन पेशेंस का कहना है कि अमेरिका में राष्ट्रपति ओबामा की जीत चीन में नेतृत्व बदलाव से एक दिन पहले हुई है।

चीन में नेताओं का ध्यान घरेलू स्थिति पर ही है। वैसे चीन और अमेरिका के बीच रिश्ते पिछले कुछ सालों में तनावपूर्ण रहे हैं। ओबामा के दोबारा चुने जाने के बाद व्हाइट हाउस में कोई बदलाव नहीं आएगा। लेकिन चीन में बदलाव होगा। इसका मतलब है कि अमेरिका को नए चीनी नेताओं को समझना परखना पड़ेगा।
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वहीं ईरान के बारे में तेहरान से बीबीसी संवाददाता मोहसिन असगरी का कहना है, "बहुत से लोगों को ईरान में चिंता थी कि अगर रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार जीतता है तो इसका मतलब यु्द्ध हो सकता है। जबकि ओबामा की जीत का मतलब है कि लोगों की जिंदगी सुरक्षित है क्योंकि अमेरिका समेत अन्य देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जल्द से जल्द बातचीत शुरु करना चाहेंगे।"

उनका कहना है कि ईरान में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रति सकारात्मक रुख रखने वाले मानते हैं कि बराक ओबामा ईरान से रिश्ते बेहतर करने में ज्यादा समर्थ हैं।
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