अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को मध्यावधि चुनावों में तगड़ा झटका लगा है। विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी ने मंगलवार को हुए इस चुनाव में ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी को पछाड़ते हुए शानदार जीत हासिल कर ली है।
इस जीत के साथ ही रिपब्लिकन पार्टी ने न सिर्फ सीनेट में बहुमत हासिल कर ली, बल्कि प्रतिनिधि सभा में भी बढ़त बना ली है। माना जा रहा है कि इन नतीजों से ओबामा के बाकी बचे दो साल बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।
उधर, राजनीतिक विश्लेषकों ने देश भर में डेमोक्रेटिक पार्टी के ताकतवर नेताओं की हार को रिपब्लिकन पार्टी की लहर का नतीजा बताया है।
रिपब्लिकन को सीनेट में बहुमत के लिए छह सीटें चाहिए थीं, मगर उसने चुनाव में सात सीटें जीत ली है। जिससे उसकी स्थिति काफी मजबूत हो गई है। आठ साल बाद रिपब्लिकन को सीनेट में बहुमत मिला है।
प्रतिनिधि सभा में भी रिपब्लिकन को बढ़त
इस बीच, राष्ट्रपति ओबामा ने मौजूदा राजनीति हालत पर चर्चा करने के लिए दोनों पार्टियों के नेताओं को व्हाइट हाउस बुलाया है। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों ने नॉर्थ कैरोलिना, अराकंसास और कोलाराडो में डेमोक्रेटिक पार्टी के निवर्तमान सांसदों को हराया और पश्चिम वर्जीनिया, साउथ डकोटा, मोंटाना और आइयोवा में भी जीत हासिल की।
पार्टी ने डेमोक्रेटिक पार्टी के गढ़ माने जाने वाले कई राज्यों में गवर्नर पद के चुनावों में भी जीत हासिल की। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मैरीलैंड और इलिनॉयस जैसे डेमोक्रेटिक पार्टी के पार्टी के गढ़ में रिपब्लिकन पार्टी के चुनाव जीतने से देश में रिपब्लिकन पार्टी की लहर चलने का साफ संकेत मिलता है।
निक्की हेली, तुलसी समेत कई भारतीय जीते
निक्की हेली और तुलसी गबार्ड समेत कई भारतीय मूल के लोगों को अमेरिका में हुए इस चुनाव में शानदार जीत मिली है। अमेरिका के साउथ कैरोलिना राज्य की दोबारा गवर्नर चुन ली गईं हैं।
अमेरिका यात्रा के दौरान मोदी को गीता भेंट करने वाली अमेरिकी कांग्रेस की इकलौती हिंदू सदस्य तुलसी गबार्ड एक बार फिर सदन में पहुंची हैं। इसके अलावा कई अन्य भारतीय मूल के चुनाव में जीत का परचम फहराया है।