मानवाधिकार मामलों के प्रमुख ने कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की उच्च स्तरीय स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की जो मांग की है उसके बारे में अगले कदम संबंधी फैसला संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सदस्य लेंगे। यह बात संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कही।
यूएन महासचिव गुतेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने यह टिप्पणी कश्मीर और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर यूएन की पहली मानवाधिकार रिपोर्ट सामने आने के बाद की है।
भारत ने कश्मीर में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन की संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट को ‘भ्रामक, पक्षपातपूर्ण और प्रेरित’ बता कर इसे खारिज कर दिया। इसे चुनिंदा तरीके से जुटाई गई गैर सत्यापित जानकारी का बड़ा संकलन बताया।
विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि रिपोर्ट पूरी तरह से पूर्वाग्रह से ग्रस्त है और गलत तस्वीर पेश करने का प्रयास कर रही है।
उप प्रवक्ता फरहान हक ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘जैसा आप जानते हैं यह मानवाधिकार परिषद के सदस्य देशों पर निर्भर करेगा। उच्चायुक्त जैद ने मानवाधिकार परिषद को इस बारे में प्रस्ताव दिया है। इसका जवाब क्या होना चाहिए इसके बारे में हम आकलन करेंगे।