वर्ष 1950 के बाद से बार्बी डॉल ने एक लंबा सफर तय करते हुए फैशन के कई मापदंड तय किए हैं, जिसमें गोरा रंग, भूरे बाल और फैशनेबल पहनावा शामिल है। लेकिन अब नई बार्बी के रंग-रूप में बदलाव लाया गया है। इसकी त्वचा का रंग सांवला है, पैर किसी एथलीट जैसे हैं और इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये गुड़िया हिजाब पहने हुए है। इसे दुनिया में गोरे रंग और मुस्लिम विरोधी मानसिकता के खिलाफ एक प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
इस नये रूप वाली बार्बी डॉल पर से कल शाम ओलंपिक खिलाड़ी इब्तिहाज मुहम्मद ने न्यूयॉर्क में ग्लैमर वूमन ऑफ द ईयर अवार्ड के बाद पर्दा उठाया। 2016 में रियो डी जनेरियो में बतौर एथलीट कांस्य पदक हासिल करने वाली मुहम्मद ऐसी पहली अमेरिकी एथलीट हैं जिन्होंने हिजाब पहनकर ओलंपिक में शिरकत की थी।
पढ़ें: दिल्ली में सुधरी हवा तो घटी 4 गुना पार्किंग फीस, ट्रकों की एंट्री भी शुरू
उन्होंने मंच पर इस हिजाब वाली गुड़िया का परिचय कराते हुए कहा कि बार्बी के वजूद पर पहली बार सफेद रंग का हिजाब कसकर बांधा गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसके बाल नकली हैं।
बार्बी को हिजाब पहनाकर इस खिलौने को पूरी तरह से बदल दिया गया है
Barbie doll
- फोटो : social media
इब्तिहाज मुहम्मद ने कहा कि बार्बी को हिजाब पहनाकर इस खिलौने को पूरी तरह से बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि मजबूत मुस्लिम महिला संस्कारों पर आधारित यह गुड़िया क्रांतिकारी साबित होगी, खासकर उस दौर में जबकि राष्ट्रीय माहौल कट्टरता से भरा हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हिजाब पर काफी ध्यान दिया जा रहा है।
हिजाब पहने हुए बार्बी गुड़िया उस बदलाव का हिस्सा है जो प्रेरणादायक व सामाजिक बाधाओं को तोड़ने वाली महिलाओं पर आधारित है, लेकिन मुस्लिम विरोधी लोगों ने इस गुड़िया की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है।
हिजाब वाली गुड़िया पर हुई तीखी प्रतिक्रिया
इस नई गुड़िया को लेकर काफी तीखी प्रतिक्रिया हुई है। हालांकि इब्तिहाज मुहम्मद ने कहा कि मैं ट्रोलिंग की आदी हूं, लेकिन एक गुड़िया को लेकर अमेरिकियों की ऐसी टिप्पणियां निराशाजनक हैं। अमेरिकी-इस्लामिक रिलेशंस काउंसिल के प्रवक्ता इब्राहिम हूपर ने कहा कि इस हिजाब वाली गुड़िया की घोषणा होने के बाद मैंने एक रेडियो पर बेहद ही अपमानजनक टिप्पणी सुनीं, जिसमें कहा जा रहा था कि ‘यह गुड़िया जरूर बमों के साथ बंधी होगी।’ उन्होंने कहा कि घृणा अपराधी इस गुड़िया के खिलाफ हैं। हिजाब इस्लामोफोब्स के लिए एक लाल झंडा बन गया है।