अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में सांसदों को चेताया गया है कि अगर एच-1 बी और एल-1 वीजा विवाद को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) निपटाता है, तो अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की जा सकती है।
अमेरिका की ओर से एच-1बी और एल-1 वीजा की फीस में इजाफा करने के मामले को भारत ने डब्ल्यूटीओ में चुनौती दी है, जिसके बाद अमेरिकी कांग्रेस की यह रिपोर्ट सामने आई है। भारत का कहना है कि अमेरिका की ओर से वीजा फीस में इजाफा होने से भारतीय आईटी कारोबारी प्रभावित होंगे।
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘अगर इस विवाद को औपचारिक रूप से डब्ल्यूटीओ पैनल निपटाता है, तो वह एच-1 बी वीजा विवाद को जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड इन सर्विसेज (गेट्स) के दायित्वों से असंगत करार दे सकता है। साथ ही सिफारिश कर सकता है कि अमेरिका को अपने कानून को गेट्स के अनुरूप लागू करना चाहिए।’
इसके बावजूद भी यदि अमेरिकी कांग्रेस कानून में बदलाव नहीं करती है, तो डब्ल्यूटीओ को इसके जवाब में अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार मिल जाएगा। फिर डब्ल्यूटीओ अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। मामले में भारत का कहना है कि वीजा फीस में वृद्धि करके अमेरिका ने गेट्स के दायित्वों का उल्लंघन किया है।