फेसबुक के बाद अब गूगल प्लस के पांच लाख यूजर के डाटा में सेंधमारी की आशंका को देखते हुए इसके उपभोक्ता संस्करण को बंद करेगा। बताया जाता है कि इसके सिस्टम में पिछले दो साल से पड़ा एक बग जासूसी कर रहा था। कंपनी ने सोमवार को एक ब्लॉग में लिखा कि इस साल मार्च में इस बग का पता चलने के बाद उसे दुरुस्त कर लिया गया था।
ब्लॉग में यह भी बताया गया है कि इसमें यूजर के डाटा से छेड़छाड़ का कोई प्रमाण नहीं मिला है। न ही इस बग के बनाने वाले ने इनका कोई दुरुपयोग किया है। हालांकि इसकी खबर बाहर आने के बाद गूगल प्लस की मूल कंपनी अल्फाबेट इंक के शेयरों में 1.5 फीसदी की गिरावट आ गई। पहले गूगल ने नियामक की छानबीन के डर से इस मामले का खुलासा न करने का फैसला किया था।
गूगल ने कहा कि उसने इस मामले की समीक्षा की है और अच्छी तरह इसकी पड़ताल की कि क्या यूजर के डाटा के दुरुपयोग का कोई प्रमाण है या नहीं। लेकिन अंतत: उसने पाया कि इसमें सेंधमारी के कोई सुबूत नहीं मिले और किसी डेवलपर तक को इस बग की जानकारी नहीं थी।