परमाणु हथियारों के परिक्षणों पर अड़ियल और मनमानी रवैया अपनाने वाले नॉर्थ कोरिया के खिलाफ वैश्विक स्तर कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है। जर्मन की चासंलर एजेंला मार्केल और यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को माना की नॉर्थ कोरिया के खिलाफ यूएन को सख्त कदम उठाने चाहिए।
मार्केल के ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यूएन सिक्योरिटी काउंसिल को नॉर्थ कोरिया पर दबाव बनाने की जरूरत है। नार्थ कोरिया पर जो बैन लग सकते हैं, उससे उसके पर्यटन पर फर्क पड़ेगा, साथ ही चीन और रूस में जाने वाली नॉर्थ कोरियन लेबर पर भी लगाम लग सकती है। ये ड्राफ्ट 14 अन्य काउंसिल मेंबर्स के सामने मंगलवार को पेश हो सकता है।
इससे पहले सोमवार को यूएन में यूएस एंबेसडर निक्की हेली ने कहा था कि किम जोंग की कार्रवाई रक्षात्मक नहीं है। वो खुद को एक परमाणु शक्ति के रूप में दिखा रहा है और युद्ध के आसार पैदा कर रहा है।
निक्की ने कहा कि वह सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों से कहना चाहती हैं, अब उत्तर कोरिया ने सारी हदें पार कर दी हैं। बता दें कि नॉर्थ कोरिया की ओर से रविवार को 50 और 100 किलोटन का हाइड्रोजन बम परिक्षण किया गया था, जो कि कभी हिरोशीमा में हुए बम ब्लास्ट से भी खतरनाक था। ये ब्लास्ट इतना जोरदार था कि इसकी गूंज उत्तरी चीन तक महसूस की गई थी।