प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करने से पहले ही एच1बी वीजा पर लगाए गए बैन पर साफ किया है कि ये केवल देश की सुरक्षा के लिए लगाया गया है और किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। यूएस के अटॉर्नी जनरल जैफ सेशन ने कहा कि वीजा बैन पर जिस तरह से माहौल बनाया गया है, उससे भारत में काफी चिंता का माहौल बन गया था।
Visa ban is about national security & not against any religion: US Attorney General #JeffSessions.
— Press Trust of India (@PTI_News) 13 June 2017
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी माह अमेरिका के दौरे पर जाएंगे। वो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के खास बुलावे पर 26 जून को वॉशिंगटन डीसी पहुंच रहे हैं।
syed akbaruddin
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जी4 देशों को स्थाई सदस्यता मिलने की वकालत करते हुए कहा कि भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील काफी लंबे समय से इसके लिए मांग कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सयैद अकबरुद्दीन ने कहा कि इस मसले को लेकर के भारत लंबे समय से परिषद के विस्तार की मांग कर रहा है।
...politically its abolition is acknowledged as being extremely difficult: Syed Akbaruddin on behalf of Brazil, Germany, India & Japan (G-4)
— ANI (@ANI_news) 13 June 2017
भारत ने कहा कि स्थाई देशों द्वारा लिए वीटो का इस्तेमाल किए जाने से कई बार अहम मुद्दों पर फैसला नहीं हो पाता है। चीन की तरफ इशारा करते हुए अकबरुद्दीन ने कहा कि पाक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ बैन लगाने को लेकर के वीटो का इस्तेमाल किया था, जिससे उस पर बैन नहीं लग पाया था। मसूद अजहर संसद पर हुए हमले का मास्टरमाइंड था, इसके साथ ही हाल ही में कश्मीर में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले में भी उसका हाथ था।
While, academic discussions indicate that veto is most unpopular aspect of the Council's functioning (cont..): S Akbaruddin on UNSC Reform pic.twitter.com/3QlbifwmmB
— ANI (@ANI_news) 13 June 2017
भारत ने कहा कि परिषद में अभी 15 देश शामिल होते हैं लेकिन राजनीतिक तौर पर ऐसा नहीं होता है।
Legally Charter doesn't provide for concept of regional representation, however,we know politically,it's issue of imp to Africa-S Akbaruddin
— ANI (@ANI_news) 13 June 2017