अमेरिकी सरकार को सैन डियागो शहर के एक विश्वविद्यालय के छात्र को लगभग 24 करोड़ रुपए चुकाने पड़े हैं।
उस छात्र का नाम डैनियल चोंग है और उसके वकील का कहना है कि उसे चार दिन के लिए जेल में डालकर भुला दिया गया।
डैनियल ने बताया कि जिंदा रहने के लिए उसे अपना ही मूत्र पीना पड़ा। अजीबो-गरीब मानसिक स्थिति में उसने अपनी बांह पर मां के लिए संदेश लिखने की कोशिश की।
2012 में एक ड्रग रेड के दौरान पकड़े गए डैनियल को कहा गया था कि उस पर कोई अभियोग नहीं लगाया जाएगा लेकिन अगले चार दिन उसके पास कोई गया तक नहीं। अब न्याय विभाग द्वारा इस मामले की जांच की जा रहा है।
जेल से मुक्ति
जेल से छुड़ाए जाने के बाद इस छात्र ने पानी की कमी, किडनी और खाने की नली में हुई समस्या से जूझते हुए पांच दिन अस्पताल में गुजारे। इस दौरान उसका वजन भी सात किलो कम हो गया।
इस पूरे घटनाक्रम पर डैनियल का कहना है कि शायद उन्हें ग़लती से भुला दिया गया। वह कहते हैं ‘‘मुझे ये सब एक दुर्घटना जैसा लगता है। सचमुच एक बहुत बुरा और भयानक हादसा।’’
वह कहते हैं कि जहां वह कैद थे उस जेल में ना तो कोई खिड़की थी ना ही खाना-पानी। डैनियल के वकील का कहना है कि इस घटना के बाद ड्रग संबंधी नीतियां लागू करने वाले तंत्र ने नए कदम उठाने का फैसला किया है जिसके तहत जेलों की रोजाना पड़ताल और उनके अंदर कैमरे लगाया जाना शामिल है।