चेहरे पर चिकत्ते के निशान वाले ओहियो निवासी जॉन ग्लेन दुनिया में पहली बार पृथ्वी की कक्षा का चक्कर लगाकर हीरो बने और बाद में 24 साल तक अमेरिकी सीनेट में रहकर देश की राजनीतिक हस्ती भी रहे। जॉन अपनी उम्र का शतक लगाने से मात्र पांच वर्ष की दूरी पर ही थे कि 95 साल की उम्र में ओहियो प्रांत के कोलंबस शहर में अंतिम सांस लेकर दुनिया से विदा हो गए।
ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी ने जॉन ग्लेन की मृत्यु की घोषणा करते हुए बताया कि वह हाल ही में अस्पताल में भर्ती थे। वर्ष 2014 में उनके हृदय के वॉल्व का रिप्लेसमेंट हुआ था और उसी दौरान वह स्ट्रोक का भी शिकार हुए थे। तीन बार पृथ्वी की परिक्रमा कर चुके ग्लेन अंतरिक्ष में जाने वाले अमेरिका के तीसरे अंतरिक्ष यात्री थे। ओबामा और नासा ने भी ग्लेन के निधन पर शोक जताया।
जॉन ग्लेन का चयन 1974 में अमेरिकी सीनेट के भीतर ओहियो का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी हुआ। इसके दो साल बाद अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जिम्मी कार्टर ने उपराष्ट्रपति के संभावित उम्मीदवारों में ग्लेन का नाम भी शामिल किया था। हालांकि बाद में किसी अन्य के नाम पर मुहर लगाई गई। बराक ओबामा ने उन्हें 2012 में ‘प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम’ अवार्ड से भी नवाजा।