डाटा लीक के बाद फेसबुक पर एंड्रायड मोबाइल उपयोगकर्ताओं के फोन नंबर, टेक्स्ट मैसेज का डाटा जुटाने का आरोप लगा है। वेबसाइट एआरएस टेकनिका ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि कुछ यूजर ने फेसबुक की ओर से एकत्रित डाटा की जांच की तो पाया कि वहां उनके वर्षों पुराने मोबाइल नंबर, टेलीफोन नंबर, कॉल की लंबाई और टेक्स्ट मैसेज मौजूद हैं।
इस पर फेसबुक ने सोमवार को जवाब दिया कि सर्वर को सुरक्षित बनाने यह सूचना अपलोड की गई है। यह उन्हीं एंड्रायड यूजर की सूचना है, जिन्होंने इसकी अनुमति दी थी। कंपनी की प्रवक्ता ने कहा, यह डाटा न बिका और न किसी यूजर के दोस्तों व बाहरी एप के साथ साझा किया गया। इस डाटा का इस्तेमाल फेसबुक पर लोगों का अनुभव बेहतर बनाने और दूसरों से जुड़ने में मदद करने के लिए किया गया है।
फेसबुक का यह भी दावा है कि उन्होंने कॉल और मैसेज की सामग्री नहीं जुटाई है। फेसबुक इन सूचनाओं का उपयोग मैसेंजर के कांटैक्ट की रैंकिंग में करता है ताकि वह यूजर को कॉल करने के लिए सलाह दे सके।
यूजर जब मैसेंजर या फेसबुक लाइट में साइनअप करते हैं, तो उन्हें इसका विकल्प सुझाया जाता है। इसमें लिखा होता है कि अगर आप इस फीचर को ऑन करेंगे तो हम इसके लॉग की सूचना को लेंगे।
फेसबुक का कहना है कि यह सारा डेटा कलेक्शन यूजर की सेटिंग में जाकर बंद किया जा सकता है। वहीं एप से पहले के कॉल और टेक्स्ट की हिस्ट्री भी डिलीट की जा सकती है।