वह यूजर्स जो सोशल मीडिया साइट पर नहीं है फेसबुक ऐसे इंटरनेट यूजर्स को भी ट्रैक कर लेता है, इस सवाल के जवाब को जुकरबर्ग बड़ी ही चालाकी से नजरअंदाज कर गए। यह नही सवाल है जिसपर फेसबुक की पॉलिसी जाननी चाहिए थी। जुकरबर्ग ने कहा कि विज्ञापन फेसबुक के लिए प्रमुख व्यवसाय मॉडल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी तरह से फेसबुक प्रीमियम विज्ञापन-मुक्त संस्करण से बाहर आता भी है तो भी फेसबुक हमेशा एक विज्ञापन-समर्थित मुफ्त संस्करण रहेगा।
फेसबुक सीईओ ने कहा कि वह निजता की कद्र करते हैं। जब उनसे सीनेटर डिक डरबिन ने पूछा कि क्या वह बता सकते हैं कि वह कल रात किस होटल में रुके थे। जुकरबर्ग ने चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान के साथ कहा, नहीं। उन्होंने कहा कि जब आप चेकइन करेंगे तभी यह जानकारी आएगी, जैसा कि अधिकतर फेसबुक यूजर्स करते हैं।
उन्होंने निजता के मामले में एकबार फिर कहा कि वह इस मामले में काम कर रहे हैं। उनसे सवाल किया गया कि क्या फेसबुक लोगों की बातचीत भी सुनता है? उन्होंने कहा नहीं, फेसबुक माइक्रोफोन लगाकर किसी की बातचीत नहीं सुनता है। यह सिर्फ अफवाह है।
अगर कोई उपयोगकर्ता अपना एकाउंट डिलीट कर देता है तो वह डाटा कितने समय तक रहता है के जवाब में कहा कि मुझे भी नहीं पता कि फेसबुक डिलीट किए गए एकाउट का डाटा कितने समय तक संभाल कर रखता है।
उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद के अभियान (इलेक्शन कैंपेन) से जुड़ी डाटा फर्म कैंब्रिज एनालिटिका को चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश में 8.7 करोड़ यूजर्स की जानकारी इक्टठा करने से रोकने में नाकाम रहने की जिम्मेदारी ली।
जुकरबर्ग ने फेसबुक के जरिए हुई गड़बड़ियों को स्वीकार करते हुए कहा कि 2019 में भारत में होने वाले चुनाव में ईमानदारी बरतेंगे। सेनेट कॉमर्स एंड जूडिशरी कमिटियों के सामने पेश हुए जुकरबर्ग ने फेसबुक के जरिए डेटा लीक की जिम्मेदारी ली।
उन्होंने कहा, 'यह मेरी भूल थी और मुझे इसका अफसोस है। मैंने फेसबुक शुरू किया, मैंने इसे चलाया और यहां जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। इसके अलावा कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को सतर्क करना भी शुरू किया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डेटा एकत्रित किया है।'