बॉर्डर विवाद के चलते भारत और चीन के बीच अगर जंग छिड़ती है तो अमेरिका इस लड़ाई को चुपचाप बैठ कर नहीं देखेगा। वॉशिंगटन के स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्ट्डीस के सीनियर विशेषज्ञ जैक कूपर का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि यूएस इस बॉर्डर विवाद में कूदेगा, लेकिन अगर दोनों देशों में जंग छिड़ती है, तो अमेरिका शांत नहीं बैठेगा।
कूपर ने मुताबिक अमेरिका चीन की बढ़ती शक्ति को बैलेंस करने की लगातार कोशिश कर रहा है और भारत एक ऐसा राष्ट्र है, जो उसकी इस कोशिश को अंजाम देने में अहम रोल निभा सकता है। हालांकि, कूपर ने ये भी कहा कि अमेरिका के जंगी मैदान में कूद जाने की जानकारी से ही चीन मामले को सुलझाने की पूरी कोशिश करेगा।
दरअसल, डोकलाम सीमा विवाद पर बौखलाए चीन की सेना और सरकार ने भारत पर अपनी धमकियों का दौर जारी रखा हुआ है। चीनी सेना के प्रवक्ता ने सोमवार को भारतीय सेना को फिर धमकी दी और कहा कि अगर वे डोकलाम से पीछे नहीं हटती तो इसका अंजाम बेहद खतरनाक होगा।
उन्होंने कहा कि ये हमारी पहली मांग है कि भारत डोकलाम से पहले अपनी सेना हटाए, क्योंकि हल उसी के बाद निकल पाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि पर्वत को हिला देना आसान होगा, पर चीन की पिपुल लिब्रेशन आर्मी को हिलाना आसान नहीं है। प्रवक्ता ने कहा कि बॉर्डर की शांति पर ही पूरे राष्ट्र की शांति टिकी हुई है।
बता दें कि चीन की ओर से सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राई जंक्शन पर अपना हक जमाने के बाद ही ये विवाद गरमाया हुआ है। चीन की ओर से डोकलाम में सड़क कार्य निर्माण शुरु किए जाने के बाद भूटान और भारत ने विरोध किया, लेकिन चीन नहीं माना। इसके बाद भारत ने अपने सैनिकों को तैनात कर दिया। मामला इस कदर गरमा गया है कि केंद्र सरकार को इस पर संसद में सफाई भी देनी पड़ी है।