एक शोध में पाया गया है कि व्यक्ति के जीवन में उसके परिवार से जुड़ी दुखद घटनाएं, जैसे कि तलाक या परिवार के किसी सदस्य की मौत आदि से दिमाग को और अधिक विकट परिस्थितियों से लड़ने में सहायता करती हैं व अधिक सक्रिय रूप से काम करता है।
मेरिका के सेन डिएगो में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के सॉन हैटन ने कहा, ‘जीवन की अधिक दुख पूर्ण घटनाएं, विशेषकर तलाक, परिवार से अलग होना या किसी सदस्य की मौत मस्तिष्क की उम्र बढ़ने के साथ जुड़ा हुआ है।‘
‘द जर्नल न्यूरोबायोलॉजी ऑफ एजिंग’ नामक एक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 359 पुरुषों पर परीक्षण किया। जिसमें उनसे पिछले दो वर्षों के पहले और अंतिम दो वर्षों के अनुभव के बारे में जानकारी हासिल की।
सभी प्रतिभागियों का एमआरआई के जरिए शारीरिक पहलुओं का अध्ययन किया। जिसमें उन्होंने पाया कि मस्तिष्क की बाह्य परत, चेतना, स्मृति, ध्यान, विचार और अनुभूति के अन्य प्रमुख तत्वों से जुड़ी हुई है।
इस कारण से किसी भी दुखद घटना का असर व्यक्ति के दिमाग अधिक पड़ता है जिससे कारण वह आने वाले समय में उस तरह की परिस्थितियों से निपटना सीख जाता है।