वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की ‘हत्या’ करने की साजिश की जिम्मेदारी एक ऐसे संदिग्ध विद्रोही समूह ने ली है जिसमें वेनेजुएला के नागरिक और सेना के लोग शामिल हैं। समूह ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, ‘ऐसी सरकार को सत्ता में रखना सेना के सम्मान के खिलाफ है, जो ना केवल संविधान को भूल गई है बल्कि जिसने सरकारी दफ्तरों को अमीर बनने का एक जरिया बना दिया है।’
बता दें कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर ड्रोन हमला हुआ था जिसमें वे बाल-बाल बच गए थे। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, मादुरो उस समय टेलीविजन पर भाषण दे रहे थे। जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति पर विस्फोटक भरे ड्रोन से हमला हुआ था।
घटना का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें मादुरो भाषण देते दिख रहे हैं। मादुरो ने इस हमले के लिए कोलंबिया को जिम्मेदार ठहराया था। बताया गया है कि इस हमले में राष्ट्रपति सही सलामत हैं, लेकिन 7 जवानों के घायल होने की खबर है। यह हमला उस दौरान हुआ, जब निकोलस वेनेजुएला की राजधानी कैराकास में भाषण दे रहे थे।
इस बारे में वेनेजुएला के सूचना मंत्री जॉर्ज रोड्रिग्ज ने कहा कि मादुरो हमला किया गया था। वह पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन 7 जवान घायल हो गए हैं।