राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताइवान की राष्ट्रपति के उस सुझाव को ठुकरा दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों नेताओं को एक बार फिर फोन पर बातचीत करनी चाहिए। ट्रंप ने ताइवान के राष्ट्रपति से कहा कि वह फिलहाल चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए कोई समस्या खड़ी करना नहीं चाहते हैं, क्योंकि बीजिंग द्वारा उत्तर कोरिया मामले में उनकी मदद की जा रही है।
जनवरी में राष्ट्रपति पद की शपथ से ठीक पहले दिसंबर-16 में डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को दरकिनार कर ताइवान की राष्ट्रपति साइ इंग-वेन से सीधी टेलीफोन चर्चा की थी, जिससे चीन बुरी तरह चिढ़ गया था। लेकिन वेन ने जब संवाददाताओं से कहा कि वे चीन को चिढ़ाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति से सीधे बातचीत को खारिज नहीं करेंगी, तो ट्रंप ने इस विचार को ठुकरा दिया। उल्लेखनीय है कि ताइवान पर चीन अपना अधिकार जताता है। अत: साइ इंग-वेन के जवाब में ट्रंप ने कहा कि - ‘देखिए, मेरी समस्या यह है कि मैंने राष्ट्रपति शी के साथ बहुत अच्छे संबंध स्थापित कर लिए हैं। मैं मानता हूं कि वह अपनी शक्तियों से हमारी भरपूर मदद कर रहे हैं। ट्रंप का इशारा परमाणु परीक्षण पर उत्तर कोरिया के साथ छिड़े तनाव पर चीन द्वारा की जा रही उनकी मदद की तरफ था।’
व्हाइट हाउस में ताइवान राष्ट्रपति के जवाब में दिया गया ट्रंप का बयान यह साबित करता है कि शुरूआत में चीन की खिलाफ बोलने वाले ट्रंप ने उत्तर कोरिया के मसले पर अपने सुर बदल लिए हैं। ट्रंप ने कहा कि - मैं नहीं चाहूंगा कि शी जिनपिंग के लिए फिलहाल मेरे कारण किसी भी तरह की परेशानी आए। मैं समझता हूं कि एक नेता के बतौर जिनपिंग बेहद अच्छा काम कर रहे हैं और मैं नहीं चाहता हूं कि कोई ऐसा काम करूं जो उनके व मेरे बीच रुकावट बने। इसलिए मैं पहले इस बारे में चीन से बात करना पसंद करूंगा।