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यूरोप और तुर्की पर हमलों ने मुस्लिमों के खिलाफ मुझे सच साबित किया: ट्रंप

Fri, 23 Dec 2016 07:36 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन
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- फोटो : Getty Images
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जर्मनी की राजधानी बर्लिन के क्रिसमस बाजार में ट्रक से लोगों को रौंदने और तुर्की में रूसी राजदूत की गोली मारकर हत्या की घटना के बाद अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से मुसलमानों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और मुस्लिम प्रवासियों का ब्योरा जुटाने की उनकी योजना पूरी तरह से सच साबित हुई है। 
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इन आतंकी हमलों ने उनकी योजना पर मुहर लगा दी है। दरअसल, अमेरिकी चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का बयान दिया था, जिसको लेकर अमेरिका समेत दुनिया भर में खूब विरोध हुआ था। खासकर पाकिस्तान समेत मुस्लिम राष्ट्रों ने इसका कड़ा विरोध जताया था।

एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और मुस्लिम प्रवासियों के आंकड़े को जुटाने की मेरी योजना के बारे में सभी को पता है। बर्लिन और तुर्की पर हुए हमलों के बाद मैं सौ फीसदी सही साबित हुआ हूं।’ उनसे पूछा गया था कि बर्लिन और तुर्की में हमले की घटनाओं के बाद क्या वह अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाएंगे और मुस्लिम प्रवासियों के आंकड़े जुटाएंगे? 
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आतंकी हमलों के बाद मैंने ओबामा से बात तक नहीं की: ट्रप

ट्रंप ने कहा, ‘हमारे पास अभी खुफिया जानकारी नहीं है, लेकिन जो हो रहा है, वह वाकई बेहद भयावह है।’ हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह मुसलमानों के अप्रवास को पूरी तरह प्रतिबंधित करेंगे या सिर्फ इस्लामी आतंकवाद के इतिहास वाले देशों से लोगों के प्रवेश को रोकेंगे।

फ्लोरिडा के मार-ए-लागो क्लब में ट्रंप ने कहा, ‘यह मानवता पर हमला है, लेकिन जो भी हो रहा है वह बेहद शर्मनाक है और इसे हरहाल में रोकना होगा।’ उन्होंने कहा कि आतंकी हमलों के बाद से उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से बात तक नहीं की है। ट्रंप और मीडिया के बीच संक्षिप्त वार्तालाप के बाद वाशिंगटन पोस्ट ने कहा कि ट्रंप अमेरिका में मुसलमानों के पंजीकरण या उनके प्रवेश को प्रतिबंधित करने की अपनी योजना के साथ खडे़ प्रतीत होते हैं।

कड़ी प्रक्रिया से गुजरेंगे इस्लामी अप्रवासी
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप की बातों से ऐसा लगा कि वह आतंकवाद को शरण देने वाले देशों से अमेरिका आ रहे लोगों का प्रवेश रोकेंगे और इसके लिए अमेरिका आने वाले अप्रवासियों को कड़ी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा। ट्रंप की ट्रांजिट टीम के संचार निदेशक जॉनसन मिलर ने कहा कि ट्रंप के फैसले से वे लोग हताश हो सकते हैं, जो राजनीतिक रूप से खुद को सही साबित करने के लिए देश के लोगों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देते हैं।
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