अगर आप अच्छी अंग्रेजी बोल लेते हैं,तो अमेरिका के लिए वीजा मिलना कठिन नहीं होगा। ट्रंप प्रशासन एक ऐसी इमिग्रेशन पॉलिसी लेकर के आ रहा है, जिससे मेरिट के आधार पर विदेशियों को अमेरिका में आकर के काम करने की अनुमति मिलेगी।
हालांकि इस विधेयक को अभी कांग्रेस से अनुमति मिलनी बाकी है। RAISE नाम के इस विधेयक से सबसे ज्यादा फायदा भारतीयों को होगा।
तो फिर खत्म हो जाएगा लॉटरी सिस्टम
ग्रीन कार्ड लेने के लिए अमेरिका अपना पुराने लॉटरी सिस्टम को खत्म कर देगा। मेरिट के लिए आवेदकों की अंग्रेजी पर पकड़, शिक्षा का स्तर, जॉब ऑफर और उम्र को ध्यान में रखा जाएगा।
एक्ट के अनुसार, इस विधेयक के आने से गरीबी में कमी और सैलरी में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही टैक्सपेयर्स के करोड़ों डॉलर को सेव करने में मदद करेगा। ग्रीन कार्ड की मदद से विदेशियों को वहां पर स्थाई रुप से रहने का अधिकार, काम करने के लिए ऑथोराइजेशन और अमेरिकी नागिरक बनने के लिए दिया जाता है।
इस सिस्टम के साथ किसी अमेरिकी कर्मचारी के साथ भी भेदभाव नहीं हो पाएगा। नए एक्ट के लागू होने के बाद ऐसा नहीं हो पाएगा कि कोई भी अमेरिका में आकर के आसानी से पैसा कमाना शुरू कर देगा। अगर आपके पास स्किल है तभी आप लोग यहां पर काम कर सकते हैं।
H1B वीजा पर सख्त हुए थे ट्रंप
ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद H1B वीजा पर कड़ा रुख अपनाया था। इस कारण से प्रवासी लोगों को काफी फर्क पड़ा था। एच1बी के तहत साल करीब 65000 को लॉटरी सिस्टम के जरिए ऐसे वीजा जारी किए जाते हैं। आईटी कंपनियां इन प्रोफेशनल पर ज्यादा निर्भर होती है।