कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव कम होने के बजाय दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। एक तरफ व्हाइट हाउस ने उत्तर कोरिया के तानाशाह नेता किम योंग-उन से सशर्त मुलाकात की बात कही है तो दूसरी तरफ उन्होंने दक्षिण कोरिया में चल रहे युद्धाभ्यास के लिए बमवर्षक विमानों को भेज दिया है। उधर, किम योंग-उन ने कहा है कि यदि इस प्रायद्वीप में युद्ध भड़कता है तो इसके लिए अमेरिका पूरी तरह से जिम्मेदार होगा।
व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता किम योंग-उन के साथ ‘सही परिस्थितियों’ में मुलाकात करना चाह रहे हैं लेकिन इसके लिए प्योंगयांग को कई शर्तें माननी होंगी। व्हाइट हाउस प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, मुझे लगता है कि यह हमारे विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन द्वारा बताई गई नीति के अनुरूप है।
ट्रंप ने एक साक्षात्कार में उत्तर कोरियाई नेता से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। स्पाइसर ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के लिए अभी स्थिति सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर कोरिया यदि अपने उत्तेजक व्यवहार को कम करना जारी रखता है तो परिस्थितियां बदलेंगी।
दूसरी तरफ, अमेरिका ने दो सुपरसोनिक बी-1बी लांसर बमवर्षकों को दक्षिण कोरिया में तैनात किया है। अमेरिकी बमवर्षक विमान दक्षिण कोरिया पहुंच गए हैं। अमेरिकी वायु सेना के बयान में कहा गया है कि ये बमवर्षक दक्षिण कोरिया और जापान की सेना के साथ संयुक्त अभ्यास के लिए भेजे गए हैं।
युद्धाभ्यास में बमवर्षक विमानों के शामिल होने पर उत्तर कोरिया ने कहा कि - ‘यहां ये बमवर्षक सभी प्रमुख इलाकों में जब बम गिराने का अभ्यास कर रहे होंगे और वहां ट्रंप अपने साथियों के साथ उत्तर कोरिया के परमाणु हमले की आशंकाओं पर चीख रहे होंगे।’ उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने कहा है कि जल्दबाजी में उठाए जा रहे सैन्य कदम कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु युद्ध की कगार पर ले जा रहे हैं।