अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी की दौड़ में आगे चल रहे डोनल्ड ट्रंप ने विस्तार से अपनी नीति पेश की है। पांच राज्यों के प्राइमरी चुनाव में क्लीन स्वीप के बाद ट्रंप ने कहा कि वो 'सबसे पहले अमेरिका' की नीति को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने राष्ट्रपति बराक ओबामा की विदेश नीति को 'पूरी तरह बर्बाद' क़रार दिया और कहा कि उनकी नीतियां लक्ष्यहीन हैं। पेन्सिलवेनिया, कनेक्टिकट, डेलावेर, रोड आईलैंड और मेरीलैंड में जीत दर्ज करने के बाद मंगलवार को ट्रंप ने ख़ुद को रिपब्लिकन पार्टी का संभावित उम्मीदवार बताया।
ख़ुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले चरमपंथी संगठन को चेतावनी देते हुए ट्रंप ने कहा कि अब आईएस के पास 'गिने चुने दिन बचे हैं।' ट्रंप ने कहा कि वो आईएस को कमज़ोर करने के लिए तेल तक उसकी पहुंच को ख़त्म कर देंगे। ट्रंप ने वादा किया कि वो रूस, चीन और दूसरे सहयोगियों को एक साथ लाने के लिए उनसे बात करेंगे।
ट्रंप ने कहा कि अमरीकी जिन देशों की रक्षा करता है, उन्हें इसकी एवज में अमेरिका को भुगतान करना चाहिए। "और अगर ऐसा नहीं हो सकता है तो ये देश अपना बचाव ख़ुद करें।" पिछले दिनों उन्होंने अमेरिका-जापान रिश्तों पर कहा था, "अगर हम पर हमला होता है तो हमें बचाने के लिए जापान नहीं आएगा, लेकिन अगर जापान पर हमला हुआ तो हम उसके साथ खड़े होंगे। और ये एक बड़ी समस्या है।" चीन के मामले में उन्होंने कहा कि उसके साथ संबंधों को ठीक करना होगा, लेकिन ऐसा वो कैसे करेंगे, ये उन्होंने नहीं बताया।