अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उम्मीद है कि उत्तर कोरिया अब अपने परमाणु हथियारों का त्याग कर देगा। ट्रंप ने ट्वीट किया कि 'बीते कई सालों से तमाम सरकारों ने सिर्फ यही कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और परमाणु हथियार मुक्त व्यवस्था की कोई गुंजाइश नहीं है।'
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा 'लेकिन उम्मीद जगी है कि किम जोंग अब मानवता के लिए और अपने देश की जनता के लिए सही दिशा में काम करेंगे। मैं उनसे मिलकर इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हूं।'
बता दें कि उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन अपनी पत्नी री सोल जू के साथ चार दिवसीय यात्रा पर चीन पहुंचे हैं। चीनी मीडिया से खबर आई हैं कि उत्तर कोरियाई तानाशाह ने परमाणु परीक्षणों को खत्म करने का संकल्प लिया।
एक- दूसरे को जंग की धमकी देने वाले अमेरिका और उत्तर कोरिया के रिश्तों में सकारात्मक बदलाव आने की संभवना है। साफ है कि चीन पहुंचे किम जोंग का एक नया रूप देखने को मिल रहा है और वह पूरी दुनिया को अपना नरम रवैया दिखा रहे हैं।
उत्तर कोरियाई मीडिया ने परमाणु हथियारों को 'न्याय की एक विशाल तलवार' करार दिया है और कहा है कि किम की जिनपिंग से हुई वार्ता में परमाणु हथियारों के परीक्षण को रोकने की बात शामिल नहीं की गई है। लेकिन खबरें यह भी हैं कि किम जोंग उत्तर कोरिया वापस लौटने के बाद मिसाइल परीक्षण कार्यक्रम पर लगाम लगा सकते हैं।
किम जोंग उन के लिए पूरी तरह से परमाणु हथियारों को छोड़ने का मतलब एक सत्तावादी नेता के लिए नाटकीय तब्दीली है, जिसने न केवल अपने परमाणु हथियार पर सुरक्षा की है, बल्कि अपने शासनकाल में परमाणु शक्ति को एक महत्वपूर्ण अंग मानते हुए हथियारों का सार्वजनिक रूप से परीक्षण किया है।
मालूम हो कि दक्षिण कोरियाई दूतों ने इस महीने के शुरू में प्योंगयांग में किम से मुलाकात की थी, जिसके बाद किम ने कहा था कि वह परमाणु मुक्त के लिए प्रतिबंध है।