नए साल के पहले दिन अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय मदद पर लगाम लगाने का ऐलान किया। यही नहीं इसके अगले ही दिन अमेरिका से पाक को मिलने वाली 1,624 करोड़ रुपये की सैन्य सहायता पर भी रोक लगा दी गई। लेकिन आतंकवाद के पोषक देश पाकिस्तान को अमेरिका कई और करारे झटके देने के लिए तैयार है।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत
निक्की हेली ने कहा कि 'आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान सालों से हमारे साथ 'डबल गेम' खेलता आ रहा है। एक वक्त पर वह हमारे साथ होता है तो दूसरी तरफ वह
आतंकवाद को बढ़ावा देता है।'
उन्होंने आगे कहा 'पाकिस्तान का यह खेल अब ट्रंप प्रशासन के सामने नहीं चलेगा। आने वाले दिनों में राष्ट्रपति और कड़े एक्शन ले सकते हैं।'
ट्रंप ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि इस देश ने हमें झूठ और फरेब के सिवाय कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर पिछले 15 वर्षों से वह हमसे 33 अरब डॉलर की आर्थिक मदद ले चुका है लेकिन अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह देने में किया है। ऐसे देश को अब और आर्थिक मदद नहीं दी जा सकती।
नए साल के पहले दिन अपने पहले ट्वीट में पाकिस्तान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि पाकिस्तान को विदेशी आर्थिक मदद रोकी जा सकती है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘अमेरिका पिछले 15 वर्षों से मूर्खतापूर्ण तरीके से पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर (लगभग 2145 अरब रुपये) से अधिक की आर्थिक मदद दे चुका है।