अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप अमेरिका के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं। नॉर्थ कैरोलाइना में डेमोक्रेटिक पार्टी के एक प्रचार अभियान के दौरान राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में अमेरिका ने जो प्रगति की है वो सब कुछ उलट जाएगा अगर हिलेरी क्लिंटन को उनके उत्तराधिकारी के रूप मे नहीं चुना गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप न केवल अल्पसंख्यक समूहों के अधिकारों की अनदेखी करेंगे बल्कि वो कमांडर इन चीफ बनने के भी काबिल नहीं हैं। उधर ट्रंप ने एक रैली में अपने समर्थकों से कहा कि अगर अगले हफ्ते के चुनावों में हिलेरी क्लिंटन जीतती हैं तो अमरीका को संवैधानिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
ट्रंप का तर्क था कि अगर हिलेरी जीतीं तो वो ऐसी राष्ट्रपति होंगी जिनके खिलाफ आपराधिक आरोप लग सकते हैं।
हिलेरी क्लिंटन के ईमेल की नए सिरे से जांच होगी
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इससे पहले ओबामा ने हिलेरी क्लिंटन के ईमेल की नए सिरे से जांच के मामले में एफबीआई की परोक्ष रूप से आलोचना की थी। राष्ट्रपति ओबामा ने राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन में पूरा विश्वास जताते हुए कहा था कि अमरीकी जांचकर्ताओं को पूरी जानकारी के आधार पर ही जांच करनी चाहिए।
उनके इस बयान को एबीआई निदेशक जेम्स कोमी की आलोचना माना जा रहा है। राष्ट्रपति चुनावों से मात्र 11 दिन पहले पिछले शनिवार को एफबीआई ने घोषणा की कि डेमोक्रेट पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के ईमेल की नए सिरे से जांच होगी।
एफबीआई की इस घोषणा की कड़ी आलोचना हो रही है। संभवत इसी कारण हिलेरी मतदान से पहले हो रहे सर्वेक्षणों में अपनी बढ़त खो रही हैं।
"हिलेरी गुप्त सूचनाओं को संभालने के मामले में 'अत्यंत लापरवाह' रही"
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एफबीआई निदेशक कोमी ने पिछले शुक्रवार को कहा था कि एफबीआई को नए ईमेल मिले हैं जिसका संबंध राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के ईमेल्स की पूर्व में हुई जांच से हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता है। राष्ट्रपति ओबामा का कहना था, ''मैंने प्रयास कर रहा हूं कि ऐसा कुछ न करूं कि जिससे लगे कि मैं इस मामले में हस्तक्षेप कर रहा हूं। मेरा मानना है कि एक प्रथा है कि जांचकर्ता आधी अधूरी जानकारी पर जांच नहीं करते हैं। हम लीक्स के आधार पर काम नहीं करते बल्कि पुष्ट सूचनाओं पर ठोस फैसले करते हैं।''
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले की पूरी जांच हो चुकी है और एफबीआई के अलावा जस्टिस विभाग, कांग्रेस की भी जांच हो गई है। जांच में पाया गया है कि हिलेरी ने गलतियां की हैं लेकिन कोई ऐसी गलती नहीं कि जिसमें उन्हें सज़ा दी जाए।
पिछले साल मार्च में ये बात सामने आई थी कि हिलेरी जब 2009 से 2013 तक विदेश मंत्री थीं तो उन्होंने एक प्राईवेट ईमेल सर्वर का इस्तेमाल किया। ऐसा करना संघीय कानूनों के खिलाफ जाता है। इसकी जांच हुई और जुलाई में एफबीआई निदेशक कोमी ने कहा था कि हिलेरी गुप्त सूचनाओं को संभालने के मामले में 'अत्यंत लापरवाह' रही हैं। हालांकि इस मामले में कोई केस नहीं बनता है।