अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ परमाणु समझौते को लेकर चल रही अपनी बातचीत के बचाव में कहा कि उन्होंने जून में हुई ऐतिहासिक वार्ता के दौरान समय के अलावा और कुछ नहीं दिया है। ट्रंप ने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर वह अपने रुख पर अब भी अडिग हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौजूदा सत्र से इतर कई मुद्दों पर हुए समाचार सम्मेलन में ट्रंप ने संवाददाताओं को बताया कि उत्तर कोरिया के खिलाफ लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध बरकरार रखने के बावजूद वह मानते हैं कि किम उनके करीबी संबंधों की वजह से समझौता चाहते हैं।
उन्होंने कहा, 'हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। वह मुझे पसंद करते हैं और मैं उन्हें, इसीलिए हम साथ आए।'
ट्रंप ने कहा, 'वह समझौता करना चाहते हैं और मैं समझौता करना चाहूंगा। हालांकि उन्होंने इसे लेकर कोई समय सीमा नहीं तय की कि दोनों नेता इस विवाद को कब सुलझाएंगे। हम समय का कोई खेल नहीं खेल रहे।'
ट्रंप और उनके शीर्ष कूटनीतिज्ञ माइक पोम्पिओ सिंगापुर शिखर वार्ता के बाद से जारी गतिरोध को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। ट्रंप और किम के बीच दूसरी वार्ता की तैयारी करने के लिए पोम्पिओ अगले महीने प्योंगयांग जाने की योजना बना रहे हैं। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने बुधवार को कहा कि वह भी किम से अलग से मुलाकात करना चाहते हैं।
ट्रंप की यह आशावादी टिप्पणियां ऐसे संदेहों के बीच आई है जिनके मुताबिक किम अपने हथियार भंडार को शायद ही खत्म करे क्योंकि यही एकमात्र रास्ता है जो किम साम्राज्य के तानाशाही शासन को जारी रखने की गारंटी देता है।