अमेरिकी राज्य ओहियो के प्रशासन ने सज़ा-ए-मौत के लिए दी जाने वाली दवा की मात्रा को और बढ़ाने का फ़ैसला किया है।
उसे यह क़दम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि हत्या के जुर्म में मौत की सज़ा पाए एक व्यक्ति को नए इंजेक्शन से मरने में क़रीब आधे घंटे का समय लगा।
डेनिस मैकग्वायर के वक़ीलों का कहना है कि उनके मुवक्किल को एक बेहद दर्दनाक मौत का सामना करना पड़ा, जो उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
हालांकि आधिकारिक समीक्षा में पाया कि इंजेक्शन लगाने के बाद मैकग्वायर सो गए थे और उन्हें दर्द का अनुभव नहीं हुआ। प्रशासन ने अब मौत की सज़ा देने के लिए दिए जाने वाले इंजेक्शन में सुलाने वाली और दर्दनिवारक दवा की मात्रा को बढ़ाने का फ़ैसला किया है।
समीक्षा में कहा गया है, ''उन्हें संवैधानिक रूप से सज़ा दी गई और यह प्रक्रिया नीतियों के मुताबिक़ थी।''
मैकग्वायर को साल 1989 में एक गर्भवती महिला की दुष्कर्म के बाद हत्या करने का दोषी पाया गया था। मैकग्वायर को इस साल 16 जनवरी को मौत का इंजेक्शन लगाया गया था और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ उन्हें मरने में क़रीब 26 मिनट का समय लगा था।
ओहियो में मौत की सज़ा के लिए इंजेक्शन लगाने की दूसरी बार शुरुआत साल 1999 में हुई थी और उसके बाद यह पहला मामला है जब किसी दोषी की मौत में इतना लंबा समय लगा।