अमेरिका में एक गुरुवार को एक सिरफिरे इंसान ने भरी भीड़ के बीच ओपन फायरिंग करते हुए एक भारतीय इंजीनियर की हत्या कर दी और दो अन्य को भी घायल कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावर नस्लीय रूप से प्रेरित था और गोली मारने से पहले चिल्लाया कि - ‘मेरे देश से निकल जाओ।’
यह हमला अमेरिका के कंसास राज्य स्थित ऑस्टिन्स ग्रिल एंड बार में उस वक्त हुआ जब एक कंपनी में 32 वर्षीय एविएशन इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला एक भारतीय दोस्त आलोक मदासनी के साथ वहां पहुंचे थे। वहीं हमलावर 51 वर्षीय एडम प्यूरिंटन काफी नशे में बैठा था।
उसने दोनों को देखते ही नस्लीय टिप्पणी करना शुरू कर दी और जब बार के स्टाफ ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने ‘मेरे देश से निकल जाओ’ कहते हुए फायरिंग कर दी। इस बीच श्रीनिवास को बचाने के प्रयास में आगे आए आलोक मदासनी और एक अन्य अमेरिकी शख्स इएन ग्रिलोट पर भी आरोपी ने गोली चला दी। इस हमले में भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला की मौत हो गई। ऐसे में दुखों में डूबे परिवार की मदद के लिए हर कोई आगे आ रहा है।
मृतक श्रीनिवास कुचीभोतला अमेरिका की जिस कंपनी में काम करते थे उसने शोक संदेश जारी करते हुए दोनों भारतीयों के लिए चंदा जुटाने की मुहिम शुरू कर की थी। गारमिन कंपनी ने कहा था कि श्रीनि बेहद ही दयालु थे और सबका ध्यान रखने वाले अच्छे इंसान थे। उनके मुंह से कभी भी किसी के खिलाफ कोई नफरत वाली बात तक नहीं सुनी गई।
कंपनी ने चंदा जुटाने की मुहिम शुरू करते हुए कहा कि मृतक श्रीनि की पत्नी सुनयना और उनका परिवार शोक में हैं और अथाह खर्च से जूझ रहे हैं। श्रीनि के दोस्त आलोक मदासानी के चिकित्सा खर्च के लिए भी ऐसी ही मुहिम शुरू हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक क्राउड फंडिंग के जरिए इस कैंपेन के लिए महज 24 घंटे में 2 करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं और अभी यह प्रक्रिया चल रही है। शहर के स्थानीय निवासी पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।