अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने नारियल तेल को लेकर एक अनोखा दावा किया है। उन्होंने नारियल तेल की तुलना जहर से करते हुए कहा है कि यह जहर की तरह है। इस प्रोफेसर का नाम डॉक्टर कैरिन मिशेल्स है जो कि हार्वर्ड के टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी ऑफ फ्रेबर्ग के इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिवेंशन एंड ट्यूमर एपिडेमेलॉजी में डायरेक्टर हैं। ये दावा उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान किया। इस कार्यक्रम का विषय था कोकोनट ऑइल एंड अदर न्यूट्रिश्नल एरर्स।
लोगों ने झुठलाया दावा
सोशल मीडिया पर प्रोफेसर का दावा जैसे ही वायरल हुआ वैसे ही लोगों ने इस दावे को झुठला दिया। लोगों ने कहा कि जो भी प्रोफेसर बोल रहे हैं वह गलत है।
कार्यक्रम में डॉ. मिशेल्स ने कहा था कि 'हम लोग जो भी खाते हैं, नारियल तेल उनमें से सबसे बेकार होता है, इसमें सैचुरेटेड फैटी एसिड्स (वसा) होते हैं। जिनसे शरीर को नुकसान पहुंचता है।' डॉक्टर्स और विशेषज्ञ हमेशा वसा वाली चीजों से बचने की सलाह देते हैं। वसा से हृदय रोग जैसी कई बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
बता दें कि नारियल तेल को आमतौर पर काफी लाभदायक माना जाता है। खासकर कि भारत में। यहां तो नारियल तेल को त्वचा और बालों के लिए अच्छा माना जाता है। इसके अलावा यहां खाना बनाने के लिए भी इसका इस्तेमाल होता है।
जानकारी के मुताबिक यह खबर सोशल मीडिया के जरिए गुरुवार तक भारतीयों को पता चली तो उन्होंने प्रोफेसर और उनके द्वारा किए गए शोध को जमकर लताड़ा। लोगों ने कहा कि शोध पर वह केवल अपना पैसा और समय बर्बाद कर रहे हैं। हम भारतीय हैं और हम खाने पीने के मामले में हार्वर्ड या फिर किसी अन्य देश के शोध को क्यों मानें।