चीनी सीमा के पास उड़ान भर रहे अमेरिका के जासूसी विमान को चीनियों ने घेर लिया। दो चीनी चेंगदू-10 फाइटर जेटों ने अमेरिकी ईपी-3 जासूसी प्लेन को कुछ ऐसे घेरा कि एक चीनी जेट और अमेरिकी प्लेन के बीच महज 91 मीटर की दूरी रह गई। ऐसे में अमेरिकी जासूसी प्लेन को न सिर्फ अपना डायरेक्शन बदलना पड़ा, बल्कि चीनी सागर के उस क्षेत्र को छोड़कर वापस आना पड़ा। इसकी खबर खुद दो अमेरिकी अधिकारियों ने दी है, हालांकि उन्होंने अपनी पहचान जाहिर नहीं की।
अमेरिकी ईपी-3 जासूसी प्लेन पूर्वी चीनी सागर के ऊपर जासूसी कर रहा था। पर तभी चीनियों ने उसे पकड़ लिया। और घेर लिया। जिन दोनों चेंगदू-10 जेटों ने अमेरिकी प्लेन को घेरा, वो दोनों ही हथियारों से लैस और अमेरिकी प्लेन को गिराने में सक्षम भी थे। पर अमेरिकी प्लेन के रास्ता बदलने के बाद उन्होंने हमलावर रुख नहीं अपनाया।
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अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ये घटना चीन के तटीय शहर किंगदाओ से 80 समुद्री मील(148 किमी) दूर की है।
इससे पहले, दो चीनी सुखोई-30 एयरक्राफ्ट ने मई माह में एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट को पकड़ा था, जो पूर्वी चीनी सागर के ऊपर इंटरनेशनल एयरजोन में रेडियेशन का पता लगाने के लिए निकला था।
गौरतलब है कि पूर्वी चीनी सागर कई देशों के बीच विवाद की वजह है। इस सागर में कई जगह चीन ने कृत्रिम द्वीपों का निर्माण करके सैनिक अड्डों के साथ ही मिसाइलों की भी तैनाती कर दी है। वहीं अमेकिका इस जोन में किसी भी सैन्य तैनाती का विरोध करता रहा है। यही वजह है कि आए दिन इस सागर को लेकर कई देशों में तनातनी बनी रहती है।