अमेरिकी रेजीडेंसी प्रॉपर्टी में भारतीयों ने अपना निवेश बढ़ा दिया है। यूएस रियल स्टेट में निवेश करने के मामले में भारतीय 5वें स्थान पर हैं। 2016 से मार्च 2017 तक 12 महीनों की अवधि में भारतीयों ने अमेरिकी रियल स्टेट में 7.8 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। इन प्रॉपर्टी का अधिग्रहण प्राइमरी रेजीडेंसी के तौर पर या बच्चों के पढ़ाई के लिए इस्तेमाल के तौर पर किया गया है।
वहीं चीन अमेरिका में निवेश के मामले में सबसे ऊपर है। इन्ही 12 महीनों के अन्तराल में चीनी नागरिकों ने अमेरिका में लगभग 31.7 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। अप्रैल 2015 से मार्च 2016 के बीच भारतीयों ने 6.1 बिलियन डॉलर का निवेश किया था। उस वक्त अमेरिकी रियल इस्टेट में निवेश के मामले में भारतीय तीसरे स्थान पर थे। अन्य देशों के निवेश बढ़ने के कारण भारत तीसरे पायदान से खिसक कर पांचवे स्थान पर चल गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में रियल स्टेट में निवेश करने वाले ज्यादातर चीनी, भारतीय और मेक्सिको के लोग यहीं काम करते और रहते हैं। जबकि कनाडा और यूके के जिन लोगों ने यहां प्रॉपर्टी खरीदी है, वह अमेरिका में रहते नहीं हैं।
प्रॉपर्टी खरीदने के मामले में चीनी नागरिकों की पसंदीदा जगह कैलिफोर्निया है। लगभग एक तिहाई से ज्यादा चीनी निवेशकों ने कैलिफोर्निया में प्रॉपर्टी खरीदी है। जबकि अन्य देशों के खरीदारों की तरह भारतीयों ने किसी एक राज्य में प्रॉपर्टी नहीं खरीदी है। अप्रैल 2016 से मार्च 2017 के बीच अमेरिका में विदेशी निवेशकों ने 153 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार निवेश में 49 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।