यहां चीन का दखल व प्रभाव इस कदर बढ़ गया कि श्रीलंका सरकार को मजबूरन दिसंबर 2017 में हमबंटोटा बंदरगाह को चीन के हवाले करना पड़ा। साथ ही श्रीलंका ने इसके आसपास की 15 हजार एकड़ जमीन का हिस्सा भी चीन के हवाले कर दिया। इसकी वजह से चीन को भारतीय तटों से महज कुछ सौ मील दूर तक की भूमि पर नियंत्रण हासिल हो गया।
राजपक्षे के चुनाव अभियान के लिए आए पैसे
रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका में 2015 में हुए चुनाव के दौरान बंदरगाह निर्माण से जुड़े चीनी पक्ष की ओर से राजपक्षे के चुनाव अभियान को बड़ी मात्रा में धनराशि दी गई थी। श्रीलंका आज चीन से मिले कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। श्रीलंका पर यह कर्ज अब तक का सबसे बड़ा ऋण है।