चीन पर एक और कटाक्ष करते हुए अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका को चाहिए कि वह नौसेना के मानवरहित सबमरीन ड्रोन को चीन को ही रखने दे। इसके एक दिन पहले शनिवार को बीजिंग ने कहा कि वह विवादित दक्षिण चीन सागर में उसकी नौसेना द्वारा जब्त अमेरिका के मानवरहित सबमरीन ड्रोन को उचित कार्रवाई के साथ लौटाने को राजी है।
पेंटागन की इस घोषणा के बाद कि सबमरीन की वापसी के लिए वे चीन के साथ एक समझौते पर पहुंचे हैं। इसके बाद ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘हमें चीन को कहना चाहिए कि जिस ड्रोन को उन्होंने चुराया है वह हम वापस नहीं चाहते हैं-इसे उन्हें ही रखने देना चाहिए।’
पेंटागन का आरोप है कि ड्रोन को दक्षिण चीन सागर में 15 दिसंबर को चीन द्वारा गैरकानूनी तौर से जब्त किया गया था, जबकि इसे अमेरिकी नौसेना समुद्र विज्ञान सर्वेक्षण जहाज द्वारा संचालित किया जा रहा था। हालांकि अमेरिका ने एक औपचारिक कूटनीतिक शिकायत दर्ज कर चीन से ड्रोन वापस लौटाने की गुजारिश की थी।
इसके तुरंत बाद अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने कहा था कि चीन ने अमेरिकी नौसेना के समुद्र विज्ञान सर्वेक्षण शोध ड्रोन को चुना लिया है। इस पर चीन ने ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका ने इस मसले को बात का बतंगड़ बना दिया जबकि अमेरिकी ड्रोन को सत्यापन के लिए कब्जे में लिया गया था।