ट्रंप प्रशासन को जरूरत है कि वह सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं पर पाकिस्तान द्वारा कड़े कदम उठाने के लिए चीन को राजी करे जो कि भारत-पाक सैन्य प्रसार की एक मुख्य वजह है। यह बात अमेरिकी विशेषज्ञों की एक रिपोर्ट में कही गई।
‘अमेरिकी शांति संस्था’ (यूएसआईपी) ने अपनी रिपोर्ट में चेताया है कि सीमा पार से होने वाली कोई भी आतंकवादी गतिविधि एक बड़े युद्ध में तब्दील हो सकती है जो कि इस क्षेत्र के लिए घातक साबित हो सकती है।
यूएसआईपी ने कहा कि वाशिंगटन को जरूरत है कि वह चीन को राजी करे कि वह पाकिस्तान से कहे कि भारत की सीमा पार आतंकवाद की चिंताओं को एक अच्छे नजरिए से दूर करने के लिए कदम उठाए। ऐसा इसलिए क्योंकि सीमा पार आतंकवाद की वजह से ही दोनों पक्षों की ओर सैन्य प्रसार पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि इस बीच भारत सरकार को चाहिए कि वह पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से अलग-थलग करने की अपनी वर्तमान नीति पर कायम रहे। इसमें कहा गया कि इस कदम से दोनों देशों के बीच बंद हुई बातचीत को शुरू करने और राजनीतिक रुप से कश्मीर मुद्दे को हल करने का का एक नया आधार मिलेगा।