पॉम्पियो ने कहा कि अमेरिका रूस की तरफ से सरकारों को कमज़ोर किए जाने की कोशिशों का मुकाबला कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप रूस के दखल के दावों को ख़ारिज करते रहे हैं। तो क्या सीआईए के निदेशक को सभी को ख़ुश रखकर चलना पड़ता है? इसके जवाब में पॉम्पियो कहते हैं, "मैं ऐसा नहीं करता, मैं वही करता हूं जो सच है। हम रोजाना राष्ट्रपति को ख़ुद वही सच्चाई बताते हैं जो हमें पता चलती है।"
पॉम्पियो हाल ही में आई किताब फ़ायर एंड फ्यूरी में राष्ट्रपति ट्रंप पर उठाए गए सवालों से इत्तफाक नहीं रखते। वह कहते हैं, "यह हास्यास्पद है. मैंने न तो किताब पढ़ी है और न ही मेरा पढ़ने का इरादा है। किताब में राष्ट्रपति को लेकर किए गए दावे खतरनाक और झूठे हैं। मुझे दुख होता है कि इस बकवास को लिखने के लिए किसी को कैसे समय मिल सकता है।"
ट्रंप की भाषा का समर्थन
पिछले दिनों राष्ट्रपति ट्रंप ने उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन को 'रॉकेट मैन' कहा था और अमरीका के न्यूक्लियर बटन को लेकर भी बड़ी शान से बातें की थीं। मगर पॉम्पियो कहते हैं कि इस तरह के बयानों से उत्तर कोरियाई नेता और अन्य देशों के नेताओं को मौजूदा स्थिति की गंभीरता के बारे में प्रभावित करने में मदद मिली।
"जब राष्ट्रपति इस तरह की भाषा का चुनाव करते हैं, यकीन मानिए कि किम जोंग-उन को समझ आता है कि अमरीका गंभीर है।" उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम सीआईए के अजेंडे में प्रमुखता पर है। पॉम्पियो कहते हैं, "उत्तर कोरिया चंद महीनों के अंदर अमेरिका में परमाणु हथियार गिराने के काबिल हो सकता है।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या किम जोंग-उन को हटाना या फिर उन्हें परमाणु मिसाइल लॉन्च करने से रोकना संभव है, पॉम्पियो कहते हैं, "बहुत कुछ संभव है।" मगर उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके ऐसा कहने का मतलब क्या है।