पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में आतंकवादी घोषित कराने के प्रस्ताव के खिलाफ चीन ने फिर अड़ंगा लगा दिया है। चीन ने तीन महीनों के लिए इस प्रस्ताव पर टेक्निकल होल्ड को बढ़ा दिया है।
#China extends by 3 months its technical hold on US, France & UK-backed proposal to list #MasoodAzhar as designated terrorist by UN.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 3, 2017
गौरतलब है कि अमेरिका, फ्रांस और यूके ने जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव पेश किया था। जिस पर चीन ने कहा था कि वह इस प्रस्ताव पर लगाई गई रोक के बारे में ‘ समय आने पर फैसला करेगा’।
अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की भारत की कोशिशों के बाद अमेरिका यह प्रस्ताव लाया था। मंत्रालय ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस सहित अन्य की प्रस्तावित अर्जी के लंबित रहने के बारे में पीटीआई को बताया, ‘‘चीन समय आने पर इस बारे में फैसला करेगा।’’
मंत्रालय ने पहले भी एक लिखित जवाब में कहा था, ‘‘हमने कई बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति को चीन के रूख से अवगत कराया है।’’
चीन यह कहकर भारत के कदम का विरोध कर रहा है कि यूएनएससी 1267 में इसपर कोई सहमति नहीं है। यूएनएससी 1267 आतंकवादी संगठनों और उनके नेताओं पर वैश्विक प्रतिबंध लगाती है। जेईएम पहले ही प्रतिबंधित सूची में है।
भारत ने गत वर्ष मार्च में संयुक्त राष्ट्र में अजहर पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा था। भारत ने उसे पठानकोट आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड बताया।