अमेरिकी अधिकारियों ने उस आदमी पर से अभियोग वापस ले लिए हैं जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और एक सांसद को ज़हर बुझे ख़त भेजने का ज़िम्मेदार बताया गया था।
इस कदम के साथ ही पॉल कर्टिस नाम के उस आदमी को रिहा कर दिया गया है। जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि उनके हाथ कुछ 'नए सुराग' लगे हैं।
इस महीने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को तीव्र ज़हर राइसिन वाला पत्र भेजने के सिलसिले में मिसिसिपी राज्य के एक व्यक्ति पॉल कर्टिस पर राष्ट्रपति को धमकाने के आरोप तय किए गए थे।
इस तरह का ज़हर वाला पत्र न सिर्फ राष्ट्रपति ओबामा बल्कि मिसिसिपी से सांसद रोजर विकर को भी भेजा गया था।
इसके पहले अमेरिकी न्याय मंत्रालय का कहना था कि कर्टिस पर अन्य लोगों को धमकाने और नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे हैं।
राष्ट्रपति ओबामा और सीनेटर विकर के नाम भेजे गए पत्रों पर 8 अप्रैल की तारीख थी।
इनमें लिखा था, “शायद अब मेरी तरफ आपका ध्यान जाए, भले ही इसका मतलब किसी की मौत ही हो। गलत होते हुए देखना और उसे उजागर न करने का मतलब है कि आप खामोशी से उसका साथ दे रहे हैं।”
राइसिन अरंडी के बीजों से निकाला जाता है और साइनाइड से भी एक हजार गुना ज्यादा घातक होता है।
कैसे निर्दोष
लेकिन जब अधिकारीयों ने कर्टिस के घर की तलाशी ली तो उन्हें ज़हर की मौजूदगी का कोई सबूत नहीं मिला न ही उनके कम्प्यूटरों से यह पता लगा कि उन्होंने कभी ज़हर बनाने के तरीके के बारे में कोई शोध किया है।
कर्टिस ने अपनी रिहाई के लिए अपने देश और ईश्वर का धन्यवाद अदा किया है। कर्टिस के वकील ने कहा है कि मामले की जांच कर रही एफ़बीआई ने गलत नीयत से कुछ नहीं किया है।
दूसरी तरफ कर्टिस के घर के नज़दीक ही ट्युपेलो मिसिसिपी में एक अन्य आदमी के छापामारी की गई है जिस आदमी के घर में यह छापामारी की जा रही है उसी आदमी ने समाचार एजेंसी एपी को इस बाबत जानकारी दी है।
एवेरेट डश्क नामक इस आदमी का दावा है कि वह भी निर्दोष है।