डिज्नी के पूर्व आईटी कर्मचारियों ने अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में एक ताजा मुकदमा दायर कर दावा किया है कि कंपनी ने उन्हें नौकरी से हटाकर उनकी नौकरी भारतीय कर्मचारियों को दे दी जिन्हें एच-1बी वीजा पर लाया गया था।
पूर्व कर्मचारियों की तरफ से सामूहिक मुकदमे में डिज्नी पर सूचना प्रौद्योगिकी कर्मचारियों की छटनी का आरोप लगाया गया है। यह छंटनी पूरी तरह उनकी राष्ट्रीयता और नस्ल के आधार पर की गयी और उनकी नौकरियों को भारतीय कर्मचारियों को दे दिया गया। इसमें कहा गया है कि इतना ही नहीं उन्हें अपनी जगह नियुक्त हुए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिये बाध्य कर अपमानित भी किया गया। शिकायत के अनुसार डिज्नी ने 250 ओरलैंडो आईटी कर्मचारियों को अक्टूबर 2014 में सूचित किया कि उन्हें 90 दिनों के भीतर नौकरी से निकाल दिया जाएगा।
न्यूयार्क डेली न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने उनकी जगह पर अमेरिका में एच-1बी वीजा के जरिये आये कई दूसरे लोगों को नौकरी दी। अदालती दस्तावेज के मुताबिक यह सभी भारतीय मूल के हैं। शिकायत के मुताबिक डिज्नी ने बाहर निकाले जा रहे कर्मियों को लेकर प्रतिकूल माहौल बना रखा है।
डिज्नी ने एक आयोजन में पूर्व कर्मियों को अपनी जगह नियुक्त कर्मियों को प्रशिक्षण देने को भी कहा। मालूम हो कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रचार के दौरान ही एच 1बी वीजा के माध्यम से विदेशियों द्वारा अमेरिकियों की नौकरी न छीने जाने की प्रतिबद्धता जताई थी। जिसके बाद से कई भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों पर नौकरी को लेकर संकट मंडरा रहा है।