वर्तमान में राहु महादशा चल रही है। कुण्डली में कालसर्प दोष होने के कारण इस दशाकाल में इच्छाओं की पूर्ति में विलंब एवं असफलता प्राप्त होती है।
ग्रह शान्ति के लिए नित्य मोर पंख दो तीन बार अपने शरीर पर घुमाएं। प्रत्येक रविवार शिवलिंग पर दूर्वांकुर चढ़ाएं।
सवा पांच रत्ती वजन का लाजवर्त उपरत्न चांदी में दाहिनी मध्यमा में शनिवार के दिन धारण करें। ऐसा करने पर वर्ष 15 में आपकी इच्छापूर्ति संभव है।