ब्राजील के एक अस्पताल में हुई करीब 300 मौतों के बारे में यह संभावना जताई जा रही है कि इन मौतों के पीछे वहां की मेडिकल टीम का हाथ हो सकता है।
यह मेडिकल टीम है कूरितिबा के अस्पताल के आईसीयू विभाग की डॉ. वर्जीनिया सोर्स डिसूजा और उनके सात सहायकों की। इस टीम पर पहले भी इसी अस्पताल के सात मरीजों के कत्ल के कथित आरोप लग चुके हैं।
मौत देने की योजना
मामले की जांच कर रहे एक जांचकर्ता ने ब्राजील के ग्लोबो न्यूज चैनल को बताया है कि कूरितिबा के अस्पताल के आईसीयू में हुई हाल में हुई 20 मौतें संदेह के घेरे में हैं।
उस जांचकर्ता ने यह भी बताया है कि इस बात के भी सुराग हाथ लगे हैं कि इससे पहले हुई 300 अन्य मौतों के पीछे भी डॉ. वर्जीनिया सोर्स डिसूज़ा और उनकी मेडिकल टीम का हाथ हो सकता है।
मगर जब डॉ. डिसूजा से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने ऐसे किसी भी आरोप से साफ इंकार कर दिया। फरवरी में गिरफ्तार डॉ. डिसूजा पिछले ही सप्ताह जमानत पर रिहा हुई हैं।
संदिग्ध ड्रग
डॉ. डिसूजा 56 साल की एक बुजुर्ग विधवा महिला हैं। वे दक्षिणी ब्राजील के कुरितिबा में इवैंजेलिकल अस्पताल में काम करती हैं।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि डॉक्टर डिसूजा ने मरीजों की जान लेने के उद्देश्य से उनकी ऑक्सीजन की आपूर्ति कम करने से पहले उन्हें मांसपेशियों को राहत पहुंचाने वाली दवा दी। इस दवा के असर से ही उन मरीजों का दम घुट गया।
आरोप है कि उनके इस अपराध में उनके साथ काम करने वाले तीन डॉक्टर, तीन नर्स और एक फिजियोथेरेपिस्ट भी शामिल हैं।
इस मामले की जांच के लिए ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा नियुक्त जांचदल के मुख्य जांचकर्ता ने ग्लोबो को बताया है कि अस्पताल में पिछले सात सालों में हुई लगभग 1,700 मरीजों की मौतों की भी अब नए सिरे से तहकीकात की जा रही है।
इनमें तकरीबन 20 ऐसे मामले हैं जिन्हें शक के दायरे में रखा गया है। डॉ. लोबातो ने आगे बताया कि ऐसे ही करीब 300 और संदिग्ध मामले पाए गए हैं जिसकी हम जांच कर रहे हैं।
हत्या का मकसद
रॉयटर्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, राज्य की ओर से नियुक्त अभियोजन पक्ष ने एक सूचना जारी करते हुए डॉ. डिसूजा पर आरोप लगाया है, “इन हत्याओं के पीछे डॉ. का मकसद आईसीयू के बेड को खाली करवाना था।”
एक रिकार्डिंग में खुद डॉक्टर डिसूज़ा ने इस बात को स्वीकारते हुए कहा है, “मैं आईसीयू को खाली करवाना चाहती थी। इतनी भीड़-भाड़ देखकर मुझे बेचैनी होती है।”
डॉक्टर ने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य है, जिनमें जीवन की संभावनाएं शेष हैं, उनकी जान बचाने की कोशिश की जाए। अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट, डायटिशियन, नर्सें और नर्सिंग तकनीशियनों ने कथित तौर पर रिपोर्ट की है कि डॉक्टर डिसूज़ा गंभीर रूप से बीमार मरीजों को शीघ्र मौत देने की कोशिश में लगी हैं।
मगर डॉक्टर डिसूजा के वकील का कहना है कि हम जल्दी ही ये साबित कर देंगे कि आईसीयू में जो भी हुआ वह उचित था।