वैज्ञानिकों की ओर विकसित किए एक कम्प्यूटर प्रोग्राम ने कैंसर का पता लगाने में डॉक्टरों को पीछे छोड़ दिया है। इस कम्प्यूटर प्रोग्राम को अमेरिका में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी ने विकसित किया है। इसे विकसित करने वाले वैज्ञानिकों के दल में एक भारतीय मूल की वैज्ञानिक भी शामिल है।
यूनिवर्सिटी से जुड़ी असिस्टेंट प्रोफेसर पल्लवी तिवारी ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर के इलाज के दौरान रेडिएशन के बदलते प्रभाव और कैंसर के दुबारा होने के बीच अंतर करना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। एमआरआई में ये एक समान लगते हैं। यह शोध अमेरिकन जर्नल ऑफ न्यूरोरेडियोलॉजी में प्रकाशित हुआ।