बोईंग के ड्रीमलाइनर 787 ने कई महीने ज़मीन पर बंद रहने के बाद की पहली उड़ान भर ली है।
विमान की पहली उड़ान दो घंटे की थी जिसमें उसने इथियोपिया के अदिस अबाबा से कीनिया की राजधानी नैरोबी तक उड़ान भरी।
बैटरी में खराबी आने के बाद दुनिया भर में ड्रीमलाइनर विमानों की उड़ान स्थगित कर दी गई थी। जापान और अमेरिका ने भी अब तकनीकी सुरक्षा जांच के ड्रीमलाइनर के उड़ान भरने की अनुमति दे दी है।
इस साल जनवरी से तकनीक खामी की वजह से दुनिया भर के सभी बोइंग 787 विमान उड़ान नहीं भर रहे हैं। उसके बाद से ये इस ड्रीमलाइनर की पहली व्यवसायिक उड़ान है।
अमेरिका में ऐसे एक विमान में बैटरी में आई तकनीक खामी की वजह से आग लग गई थी। उसके बाद से बोइंग के इंजीनियर, विमान में नई बैटरियों को लगाने में और उनकी मरम्मत में व्यस्त थे।
उड़ान अधिकारियों और विशेषज्ञों ने इस नई बैटरी के डिज़ाइन को मंज़ूरी दे दी है।
नई बैटरी
नई बैटरी अब काफी कम तापमान पर भी काम कर सकेंगी। ये बैटरी स्टेनलेस स्टील के एक बॉक्स के अंदर सुरक्षित रहेंगी।
इस बॉक्स में एक वेंटिलेशन पाइप जुड़ा होगा जो सीधे विमान के बाहर निकलेगा।
ऐसी स्थिति में किसी भी तरह से आग लगने पर बाकी का विमान उससे अप्रभावित रहेगा।
बोइंग ने बताया कि तमाम इंजीनियर्स ने करीब दो लाख, कार्य घंटों तक लगातार काम करके इस समस्या को दुरुस्त किया और नई बैटरी का डिज़ाइन बनाया।
इस काम के लिए 300 इंजीनियर्स को 10 टीमों में बांटा गया।
ये ड्रीमलाइनर साल 2011 से सेवा में आया। इसके ज़्यादातर विमान बेहद हल्के पदार्थ से बने हैं, जिसकी वजह से इसी आकार के दूसरे विमानों की तुलना में इस विमान में ईंधन की खपत कम होती है।