एच1-बी वीजा कार्यक्रम में बड़े बदलाव लाने संबंधी विधेयक को दो सांसदों ने अमेरिकी कांग्रेस में फिर पेश किया है। एच1-बी वीजा के जरिये भारत और अन्य देशों के कुशल पेशेवर अमेरिकी में उच्च प्रौद्योगिकी वाले क्षेत्रों में नौकरी करते हैं। इन सांसदों ने कहा कि इस विधेयक से कार्य वीजा का दुरुपयोग रोकने में मदद मिलेगी।
अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में रिपब्लिकन पार्टी के डैरेल इसा तथा स्कॉट पीटर्स ने ‘प्रोटेक्ट एंड ग्रो अमेरिकन जॉब्स एक्ट’ विधेयक दोबारा पेश किया है। इसमें एच1-बी वीजा के लिए पात्रता की महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव है। इस विधेयक में एच1-बी वीजा का न्यूनतम वेतन एक लाख डॉलर वार्षिक और मास्टर डिग्री की छूट को खत्म करने का प्रस्ताव है। इन सांसदों का कहना है कि विधेयक से एच1-बी वीजा का दुरुपयोग रोका जा सकेगा और इससे यह भी सुनिश्चित हो सकेगा कि नौकरियां दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को ही उपलब्ध हों।
यह विधेयक अमेरिका स्थित कंपनियों डिज्नी, सोकाल एडिसन तथा अन्य पर एच1-बी वीजा कार्यक्रम के दुरुपयोग का आरोप लगने के बाद आया है। इन कंपनियों पर अमेरिकी पेशेवरों की जगह विदेशी लोगों की नियुक्तियों का आरोप लग रहा है, जिसे लेकर अमेरिकी कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही थी। हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनावों में भी यह मुख्य मुद्दा बना था।