आपकी जन्म कुंडली में नवंबर 2012 से शुक्र की दशा आरंभ है और शनि की ढैया का प्रभाव भी बना हुआ है। शनि की यह ढैया अभी अक्तूबर माह के बाद खतम हो जएगी लेकिन शुक्र की महादशा पूरे बीस वर्षों की है।
शुक्र आपकी कुण्डली में लाभ भाव तथा छठे भाव का स्वामी होकर लग्न में सूर्य तथा बुध के साथ स्थित है। शुक्र को बहुत शुभ नहीं माना जा सकता लेकिन केन्द्र में होने से यह आपके लिए तटस्थ भाव रखेगा।
लाभ भाव का स्वामी होने से लाभ तो देगा लेकिन साथ ही छठे का स्वामी होने से आपको रोग, ऋण तथा शत्रुओं का भय भी प्रदान कर सकता है। आपको अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए।