आपकी कुण्डली में धन भाव में मंगल की स्थिति तथा धन भवन के नैसर्गिक कारक का व्ययस्थ होना शुभ नहीं है। वर्तमान में चल रही पंचमेश की महादशा में समाज में सम्मान बढ़ेगा।
बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी, परन्तु धन के मामले में यह दशा सामान्य रहेगी।
ग्रह शांति एवं आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए रविवार से प्रारंभकर नित्य आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठकर सूर्य को जल अर्पित करें। ऐसा करने पर मई 2015 के बाद आर्थिक स्थिति में सुधार संभव है।