‘हैजटैगमीटू’ कैंपेन चलाकर यौन उत्पीड़न के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने वालों को प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका ने पर्सन ऑफ दी ईयर घोषित किया है। टाइम पत्रिका ने इस पूरे समूह को ‘द साइलेंस ब्रेकर्स’ का नाम दिया।
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बुधवार की सुबह हुई घोषणा में ‘द साइलेंस ब्रेकर्स’ के समूह को 2017 का सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्व घोषित किया गया। पत्रिका सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्व उसे चुनती है जिन्होंने पिछले साल अच्छी या बुरी चीजों से सबसे अधिक प्रभावित किया हो।
अपनी जीत दर्ज करने वाले इस ‘हैजटैगमीटू’ आंदोलन की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान हुई थी। उस दौरान उनका 2005 का एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आया था जिसमें वे अश्लील टिप्पणियां करते हुए पाए गए थे। वहीं इस हैजटैग में तब और इजाफा हो गया जब मीडिया मुगल के नाम से पहचाने जाने वाले हॉलीवुड निर्माता हार्वे वेनस्टेन के खिलाफ यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज खुलासे हुए।
‘द साइलेंस ब्रेकर्स’ के इस समूह को दस लोगों की एक सूची में चुना गया। इस सूची में उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन, स्पेशल काउंसिल और एफबीआई के पूर्व निदेशक रॉबर्ट मूलर और सैन फ्रांसिस्को के 49 वर्षीय खिलाड़ी कोलिन कापरनिक व अन्य शामिल थे।
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ट्रंप दूसरे और जिनपिंग तीसरे स्थान पर रहे
प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका की इस सूची में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दूसरे स्थान पर रहे जिन्हेें पिछले साल ‘टाइम पर्सन ऑफ दी ईयर’ का खिताब मिला था। वहीं दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद अधिक ताकतवर बनकर उभरने वाले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सूची में तीसरे स्थान पर रहे।