अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सऊदी अरब के संबंध में दोहरा झटका दिया है। पहला मामला यमन में जारी युद्ध से जुड़ा है, जहां अमेरिकी मदद को खत्म किया जा रहा है और दूसरा इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास में मारे गए पत्रकार जमाल खशोगी का है, जिसमें सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को जिम्मेदार मानने के पक्ष में मतदान किया गया।
ये दोनों ही मामले ट्रंप के लिए सीधे तौर पर एक बड़ा झटका हैं क्योंकि वह इन दोनों ही मामलों के खिलाफ थे और उनका प्रशासन इस विधेयक का विरोध कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, खशोगी हत्याकांड में क्राउन प्रिंस को जिम्मेदार मानने के साथ-साथ सीनेट ने यमन में रियाद के युद्ध को अमेरिकी सेना का समर्थन खत्म करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये प्रस्ताव सांकेतिक भले ही हैं लेकिन ट्रंप के लिए चेतावनी भी हैं, जो यमन संघर्ष पर विवाद बढ़ने और खशोगी की हत्या के बावजूद सऊदी के शासन को लगातार समर्थन देते दिख रहे हैं।
यमन युद्ध संबंधी प्रस्ताव के समर्थन में 49 डेमोक्रेट सदस्यों, सात रिपब्लिकन सदस्यों ने मतदान किया जबकि 3 रिपब्लिकन सदस्य मतदान में शामिल नहीं हुए। इसके बाद सीनेट ने ध्वनि मत से खशोगी की हत्या की निंदा की और इसके लिए वली अहद मोहम्मद बिन सलमान को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि ट्रंप ने इस मामले पर वीटो करने की बात कही है और प्रतिनिधि सभा में इस विधेयक का पारित होना मुश्किल है।
ट्रंप के लिए सियासी शर्मिंदगी भरा कदम
अमेरिकी सीनेट के इस कदम को राष्ट्रपति ट्रंप के लिए राजनीतिक रूप से शर्मिंदगी भरा माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की आलोचना करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया था। सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा, ‘हम हमारे सैन्य शासन को सऊदी अरब के निरंकुश, हत्यारे शासन द्वारा नियंत्रित नहीं करने देंगे।’