इस फैसले से कार्य परमिट प्राप्त 70,000 एच-4 वीजाधारक बुरी तरह प्रभावित होंगे। एच -1बी वीजाधारक के जीवनसाथी को एच-4 वीजा जारी किया जाता है, इनमें अधिकांश महिलाएं शामिल हैं। ये भारत के कुशल और पेशेवर लोग होते हैं। अमेरिकी सांसदों का गृह सुरक्षा मंत्री क्रिस्टेन नीलसन को लिखा यह पत्र ट्रंप प्रशासन द्वारा कार्य परमिट रद करने की तैयारी के बीच सामने आया है।
सांसदों ने पत्र में कहा है कि एच-4 वीजाधारकों को काम करने की अनुमति से हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। साथ ही यह वीजा कई वर्षों से अमेरिका में रह रहे लोगों को राहत व आर्थिक सहयोग प्रदान करता है। पत्र में लिखा गया है कि हम आपसे एच-1 बी वीजाधारकों के उन पर आश्रित जीवनसाथियों को कार्य परमिट देने वाले वर्तमान नियमों को जारी रखने का आग्रह करते हैं।
ब्रिटेन में भारतीय पेशेवरों के समर्थन में 30 हजार लोगों ने किए दस्तखत
ब्रिटिश सरकार द्वारा अत्यधिक कुशल भारतीय पेशेवरों को देश में रहने और राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर काम के अधिकार से इनकार करने पर बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में आ गए हैं। इसके लिए 30 हजार से ज्यादा लोगों ने एक ऑनलाइन याचिका पर दस्तखत किए हैं। इस याचिका में ब्रिटिश सरकार से अपील की गई है कि देश में रहने और काम के अधिकारों से रोकने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा प्रावधानों का दुरुपयोग बंद होना चाहिए। यह ऑनलाइन अभियान उच्च कुशल प्रवासी लोगों के एक समूह द्वारा चलाया गया है।
ब्रिटेन के गृह मामलों के नवनियुक्त मंत्री और पाकिस्तानी मूल के साजिद जावेद ने इस हफ्ते एक संसदीय समिति से कहा था कि वह कुछ गंभीर मामलों की समीक्षा करेंगे। लोगों के वीजा आवेदन को सही तरीके से देखा जाना जरूरी है। अधिकार संगठन कैंपेन फॉर साइंस एंड इंजीनियरिंग ने ब्रिटेन के गृह विभाग से मिले एक आंकड़ों के हवाले से बताया था कि भारतीय इंजीनियरों, आईटी पेशेवरों, डॉक्टरों और शिक्षकों समेत 6060 कुशल पेशेवरों को दिसंबर, 2017 के बाद वीजा दिए जाने से इनकार कर दिया गया।
साजिद जावेद ने हाउस ऑफ कामंस की गृह मामलों की चयन समिति से कहा कि यदि यह वास्तविक त्रुटि का मामला है तो इस पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को गलत कारणों से या उनके लिए सही तरीके से नहीं देखा जा रहा है तो इसमें बदलाव लाना चाहिए।