ट्रंप सरकार ने अपनी एक रिपोर्ट में भारत सरकार को घेरा है। रिपोर्ट मानवाधिकार के मामलों से जुड़ी है, जिसमें भारत पर कई मामलों में मानवाधिकार हिंसा का आरोप है। रिपोर्ट में मध्य प्रदेश में सिमी आतंकियों के एनकाउंटर और सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ पर एफआईआर के मुद्दों को उठाया गया है।
रिपोर्ट में मुख्य तौर पर भारत में मानवाधिकार पर खतरे के संकेत दिखाते हुए इससे जुड़ी समस्याओं के बारे बताया गया है। 'ह्यूमन राइट्स प्रैक्टिसेस इन इंडिया 2016' के शीर्षक से दी गई रिपोर्ट में आरोप है कि भारत में विदेश से मिलने वाली वित्तीय मदद पर कहीं न कहीं रोक लगाई जाती है। इतना ही नहीं महिलाओं पर अत्याचार और दहेज से होने वालों मौतों का भी जिक्र है।
रिपोर्ट की माने तो कई संगठनों का कहना है कि भारत में सपोर्ट न मिलने और ऐसे कदम उठाए जाने के बाद काम करना आसान नहीं है। गुजरात की तीस्ता सीतलवाड़ पर आरोप है कि उन्होंने एनजीओ के नाम पर विदेश से आए पैसे का गलत इस्तेमाल किया है और इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में सरकार के सख्त रवैये को भी रिपोर्ट में उठाया गया है।
बता दें कि तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जीवन आनंद पर उस वक्त गाज गिरी जब उनके गुलबर्ग सोसायटी में करोड़ों रुपये के घपले का खुलासा वहीं के 12 निवासियों ने किया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी सवालों के घेरे में आ गए। दरअसल, सीतावाड़ वहीं है जिन्होंने गुजरात दंगों में मारे गए 69 लोगों के लिए आवाज उठाई थी और कहा था कि ये मानवाधिकार हिंसा है।