भारत ही नहीं एशिया की कई विकासशील अर्थव्यवस्थाएं इस आशंका से पतली हुई जा रही हैं कि अमरीका अपने बॉन्ड खरीद कार्यक्रम को कम करने वाला है।
इंडोनेशिया, थाइलैंड और फिलीपींस में शेयरों ने ग़ोता लगा लिया है। फिलीपींस का स्टॉक एक्सचेंज तो 6% तक गिर गया है।
भारत में रुपया डॉलर के मुकाबले क्लिक करें 65 तक गिर गया तो इंडोनेशिया का रुपिया 2009 से अब तक के निम्नतम स्तर पर आ गया है।
अमरीकी केंद्रीय बैंक बाज़ार में तरलता बढ़ाने के लिए मौद्रिक प्रोत्साहन कार्यक्रम चला रहा है जिसके तहत धन का प्रवाह एशिया में हुआ है और इससे पिछले कुछ सालों में चीजों की कीमत बढ़ गई है।
न्यूनतम स्तर पर
अमरीकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व, की जुलाई बैठक के रिकॉर्ड (मिनट्स) से बुधवार को पता चला कि अधिकारी प्रतिमाह 55।50 खरब के बॉन्ड खरीद के कार्यक्रम को कम करने पर "सामान्यत सहमत" थे।
हालांकि इन रिकॉर्ड्स से यह पता नहीं चला कि खरीद में कटौती कब शुरू की जाएगी लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि यह तो तय है कि खरीद में कटौती की जाएगी।
मेलबोर्न के आईजी बाजार में बाज़ार रणनीतिकार स्टैन शामु कहते हैं, " ज्यादातर विश्लेषकों का अनुमान है कि कटौती सितंबर में शुरू होगी या कम से कम सितंबर में इसकी घोषणा हो जाएगी और अक्तूबर-नवंबर में इसे लागू किया जाएगा।"
इस खबर के बाद इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 2।3% गिर गया, थाईलैंड का एसईटी 1।9% नीचे आया और मलेशिया का बुरसा 1।8%।
एशिया के उभरते बाज़ार, जो कभी दुनिया भर के निवेशकों के पसंदीदा हुआ करते थे- लगातार गिर रहे हैं। भारत और इंडोनेशिया जैसे देश विकास दर में कमी के साथ ही चालू खाते के बढ़ते घाटे से भी जूझ रहे हैं।
इसके साथ ही वैश्विग मांग में कमी से निर्यात-आधारित थाईलैंड जैसी अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। भारत की विकास दर 10 साल के न्यूनतम स्तर पर है जबकि इंडोनेशिया की विकास दर 2010 के बाद से गिरकर अप्रैल से जून की तिमाही में 6% पर आ गई है।
इसी हफ़्ते जारी आंकड़ों के अनुसार थाईलैंड की अर्थव्यवस्था अप्रैल से जून में लगातार दूसरी तिमाही में कमजोर रही है, जिससे तकनीकी रूप से यह मंदी की चपेट में आ गई है।
चिंता इस बात की है कि इन देशों में विकास दर अभी और गिर सकती है। अमरीका के केंद्रीय बैंक के बॉन्ड खरीद कम करने के अनुमान, जिसे पहले जून में करने के संकेत दिए गए थे, के चलते निवेशकों ने एशिया की इन अर्थव्यवस्थाओं से पैसा निकालना शुरू कर दिया है।
इस के चलते मुद्रा और शेयर बाजार दोनों बेहद अस्थिर हो गए। मई के चरम से जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 21% और थाईलैंड का एसईटी 19% गिर चुके हैं। भारत का क्लिक करें सेंसेक्स 12% नीचे गिरा है और फिलीपीन्स का शेयर बाज़ार 18% गिरा है।
अमरीकी डॉलर के मुकाबले क्लिक करें भारतीय रुपया 16%, इंडोनेशियाई रुपिया 18% गिरा है तो फिलीपीन्स का पेसो और थाईलैंड का बहत 10% तक नीचे आया है।