सांसदों के समक्ष ट्रंप प्रशासन के रूख को स्पष्ट करते हुए मंगलवार को लॉरा स्टोन ने कहा कि अमेरिका का मानना है कि धार्मिक निर्णय धार्मिक संगठनों द्वारा किए जाने चाहिए न कि राजनीतिक सत्ता द्वारा। स्टोन पूर्वी एशियाई एवं प्रशांत क्षेत्र मामलों की कार्यवाहक उप सहायक विदेश मंत्री हैं।
स्टोन ने पूर्वी एशिया पर सीनेट विदेश संबंध की उप समिति से कहा, ‘अमेरिका का स्पष्ट रूख है कि धार्मिक निर्णय धार्मिक संगठनों के अंदर किए जाने चाहिए और यह काम सरकार का नहीं है।’ स्टोन सीनेटर कोरी गार्डनर के एक सवाल का जवाब दे रही थीं।
सीनेटर ने पूछा था, ‘चीन ने कहा है कि वे अगले दलाई लामा को चुनेंगे। तिब्बत की नीति में बताया गया है कि अमेरिका के अधिकारी नियमित रूप से तिब्बत का दौरा करेंगे। मैं इन दोनों पर बात करना चाहता हूं। अगर चीन दलाई लामा थोपता है तो अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी?’